हमारा सफर, 2018

नये साल में नया मंथन ‘हमारा सफ़र’ के पाठकों को संगतिन किसान मज़दूर संगठन के सभी साथियों, सहयोगियों, और सह–यात्रियों की तरफ़ से नये साल की दिली मुबारकबाद। नये साल की हाड़–गलाती ठिठुरन में हम जब इस साल के लिए सपने संजोने बैठते हैं तो जहाँ एक ओर 2018 में दलित–शोषित मज़दूरों और किसानों केContinue reading “हमारा सफर, 2018”

Advertisement

हमारा सफर, 2019

दो शब्द वैसे तो ‘हमारा सफ़र’ अख़बार हमेशा संगठन के सामूहिक श्रम से बनता है, लेकिन यह अंक आपके हाथों में पहुंचाते वक़्त हम एक नायाब सुकून महसूस कर रहे हैं। वो इसलिए, कि हमारे इस अंक में पिरोये सारे विचार, कहानियाँ, बातें, और लफ्ज़ अनेक साथियों की साझी सोच और मेहनत से ही नहींContinue reading “हमारा सफर, 2019”

Intercropping sugarcane and foxtail millet – Prakash shares his experience

Prakash, a senior SKMS Saathi, lives in Pipri village, Mishrikh block, Sitapur district. Since 2014, he has been trying to cultivate millets with limited success. One year, rain washed away his seeds, while goats wiped out his crop another time. In 2016, his finger millet crop was looking promising, but another villager mistook it forContinue reading “Intercropping sugarcane and foxtail millet – Prakash shares his experience”

A decade of activism

Sangtin Kisan Mazdoor Sangathan (SKMS) was formed in 2005-06 with the objective of uniting farmer-labourers, both women and men, in Sitapur district in their struggles for rights, dignity and recognition as stakeholders in the processes of development at all levels. In the decade since, the sangathan has expanded to 7 blocks of the district, withContinue reading “A decade of activism”

उठो साथियों

           मदनापुर गांव में प्रधान का भटठा है। सारे मजदूर वहां काम करने जाते हैं। हम लोगों की बातचीत के बाद 11 लोगों ने डिमान्‍ड लगाया पर प्रधान जी ने उनको इतना हडकाया कि वह मजदूर साथी भी काम करने से मुकर गये। एक भी आवेदन नहीं लगा। ऐसा कई गांवों में कईContinue reading “उठो साथियों”

काम मांगो अभियान – खबरें

किस बिरादरी के हैं? काम मांगो अभियान के प्रथम चरण में पहला ब्‍लाक की ग्राम पंचायतों में जाने का मौका मिला। पहले दिन बेहमा ग्राम पंचायत में शाम के 4 बजे पहुंचे। वहां प्रधान का लडका मिला। वह लगातार हमारे साथ रहा। रास्‍ते में प्रधान के लडके ने पूछा– आप लोग किस बिरादरी के हैं?Continue reading “काम मांगो अभियान – खबरें”

शिकायतों का पुलिन्‍दा

मेरे पास शिकायतों का पुलिन्‍दा है। मुख्‍यमंत्री को पांच, प्रधानमंत्री को तीन, राषटपति को दो, राहुल गांधी को एक बार पत्र भेजा चुका है। मुझे लगता है कहीं न कहीं कोई न कोई तो सुनेगा। कुछ तो कार्यवाही नहीं होगी। लेकिन नहीं, कहीं से कोई कार्यवाही नहीं हुयी। डी.एम. को लोकवाणी किया कोई जवाब नहींContinue reading “शिकायतों का पुलिन्‍दा”

कब तक?

हमारे यहां के बहुत लोग बाहर चले गयें| आवास की जगह नहीं है, कटान रूक नहीं रही| सब लोग भाग रहे हैं, गांव खतम हो रहे हैं| कटान ने हम लोगों को सडक पर ला दिया है| बहुत आवेदन किया बसाने के लिए, अधिकारी आश्‍वासन भी दियें लेकिन बसाने कोई कहीं नहीं बसा रहा है|Continue reading “कब तक?”

जाग मेरी बहना – जाग मेरे भइया

जाग मेरी बहना – जाग मेरे भइया शारदा से कटने न पाये मडइया जाग मेरी बहना – जाग मेरे भइया ……….| बीते जमाने में अपना भी राज था | गांवो में खुशिया थी खेतों में नाज था | घर के बयालों में गाये चिरैया शारदा से कटने न पाये मडइया जाग मेरी बहना – जागContinue reading “जाग मेरी बहना – जाग मेरे भइया”

जिन्‍दगी का सवाल

  2008 में 6 बीघा जमीन कट गयी और अब फिर घर के किनारे नदी आ गयी है। अगर कटान हुआ तो असईपुर में मेरा सबसे पहला घर होगा जो कटेगा। कटान रोको संघर्ष मोर्चा की लगातार कोशिशों से पिछले साल बारिश के समय प्रशासन ने सीमेन्‍ट की बोरियां लगायी। थोडा काम हुआ लेकिन हमContinue reading “जिन्‍दगी का सवाल”