Hamara Safar rss

हमारा सफर, 2018

September 18, 2019

नये साल में नया मंथन ‘हमारा सफ़र’ के पाठकों को संगतिन किसान मज़दूर संगठन के सभी साथियों, सहयोगियों, और सह–यात्रियों की तरफ़ से नये साल की दिली मुबारकबाद। नये साल की हाड़–गलाती ठिठुरन में हम जब इस साल के लिए सपने संजोने बैठते हैं तो जहाँ एक ओर 2018 में दलित–शोषित मज़दूरों और किसानों के… Read More ›

हमारा सफर, 2019

दो शब्द वैसे तो ‘हमारा सफ़र’ अख़बार हमेशा संगठन के सामूहिक श्रम से बनता है, लेकिन यह अंक आपके हाथों में पहुंचाते वक़्त हम एक नायाब सुकून महसूस कर रहे हैं। वो इसलिए, कि हमारे इस अंक में पिरोये सारे विचार, कहानियाँ, बातें, और लफ्ज़ अनेक साथियों की साझी सोच और मेहनत से ही नहीं… Read More ›

हमारा सफ़र मई 2015

संपादकीय आप सभी साथियों को जिन्दाबाद। पिछले कुछ महीनों से देश के किसान कठिन दौर से गुजर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण संशोधन अध्यादेश आने के साथ एक ओर जमीन छिन जाने का डर तो दूसरी ओर बेमौसम बारिश की वजह से पकी खड़ी रबी की फसल का बरबाद होना। इन दोनो वजहों से देश में… Read More ›

उठो साथियों

           मदनापुर गांव में प्रधान का भटठा है। सारे मजदूर वहां काम करने जाते हैं। हम लोगों की बातचीत के बाद 11 लोगों ने डिमान्‍ड लगाया पर प्रधान जी ने उनको इतना हडकाया कि वह मजदूर साथी भी काम करने से मुकर गये। एक भी आवेदन नहीं लगा। ऐसा कई गांवों में कई… Read More ›

काम मांगो अभियान – खबरें

किस बिरादरी के हैं? काम मांगो अभियान के प्रथम चरण में पहला ब्‍लाक की ग्राम पंचायतों में जाने का मौका मिला। पहले दिन बेहमा ग्राम पंचायत में शाम के 4 बजे पहुंचे। वहां प्रधान का लडका मिला। वह लगातार हमारे साथ रहा। रास्‍ते में प्रधान के लडके ने पूछा– आप लोग किस बिरादरी के हैं?… Read More ›

शिकायतों का पुलिन्‍दा

मेरे पास शिकायतों का पुलिन्‍दा है। मुख्‍यमंत्री को पांच, प्रधानमंत्री को तीन, राषटपति को दो, राहुल गांधी को एक बार पत्र भेजा चुका है। मुझे लगता है कहीं न कहीं कोई न कोई तो सुनेगा। कुछ तो कार्यवाही नहीं होगी। लेकिन नहीं, कहीं से कोई कार्यवाही नहीं हुयी। डी.एम. को लोकवाणी किया कोई जवाब नहीं… Read More ›

कब तक?

हमारे यहां के बहुत लोग बाहर चले गयें| आवास की जगह नहीं है, कटान रूक नहीं रही| सब लोग भाग रहे हैं, गांव खतम हो रहे हैं| कटान ने हम लोगों को सडक पर ला दिया है| बहुत आवेदन किया बसाने के लिए, अधिकारी आश्‍वासन भी दियें लेकिन बसाने कोई कहीं नहीं बसा रहा है|… Read More ›

जाग मेरी बहना – जाग मेरे भइया

जाग मेरी बहना – जाग मेरे भइया शारदा से कटने न पाये मडइया जाग मेरी बहना – जाग मेरे भइया ……….| बीते जमाने में अपना भी राज था | गांवो में खुशिया थी खेतों में नाज था | घर के बयालों में गाये चिरैया शारदा से कटने न पाये मडइया जाग मेरी बहना – जाग… Read More ›

जिन्‍दगी का सवाल

  2008 में 6 बीघा जमीन कट गयी और अब फिर घर के किनारे नदी आ गयी है। अगर कटान हुआ तो असईपुर में मेरा सबसे पहला घर होगा जो कटेगा। कटान रोको संघर्ष मोर्चा की लगातार कोशिशों से पिछले साल बारिश के समय प्रशासन ने सीमेन्‍ट की बोरियां लगायी। थोडा काम हुआ लेकिन हम… Read More ›

टांगे तोड़े रे महंगाई

टांगे तोड़े रे महँगाई, का बताई ककुआ सत्तर रूपया में दाल हुइ गयी, अस्सी मा भा प्याज बीस रुपइया बढ़ी मंजूरी, कइसे पेट चलाई का बताई ककुआ…….. जीना मुश्किल हुईगा भाई, का बताई ककुआ टांगे तोड़े रे महँगाई, का बताई ककुआ लोग कहे मज़दूरी बढ़िगे, मज़दूरन के ठाठ चालीस रूपया में आटा हुइगा, चूल्हा देखै… Read More ›